नियोजित विकास की राजनीति

नियोजित विकास की राजनीति नियोजित विकास की राजनीति का तात्पर्य है उपलब्ध संसाधनों के श्रेष्ठतम प्रयोग के लिए भविष्य की योजनाएं बनाना, नियोजन के माध्यम से उत्पादन में वृद्धि करना, रोजगार के अवसरों में वर्दी करना, साथ ही आर्थिक स्थिरता आदि लक्षणों को प्राप्त करना | विकास के दो मॉडल आजादी के समय विकास का … Read more

एक दलीय प्रभुत्व का दौर || Class 12 Political Science ek dal ke prabhutv ka daur Notes

एक दलीय प्रभुत्व का दौर स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत की राजनीति में एक लंबे समय तक एक ही राजनीतिक दल का प्रभाव रहा इस कल को ही एक दलीय प्रभुत्व का दौर कहा जाता है | इस दौर में मुख्य रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का देश की राजनीति में वर्चस्व स्थापित रहा यह … Read more

राजनीतिक सिद्धांत एक परिचय || Rajnitik Siddhant ek parichay class 11 notes in Hindi

राजनीतिक सिद्धांत एक परिचय इसके अंतर्गत हम निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं के जरिए यह समझ सकते हैं कि राजनीतिक सिद्धांत क्या होते हैं, राजनीतिक क्या है, राजनीतिक सिद्धांत में हम क्या-क्या पढ़ते हैं, राजनीतिक सिद्धांत को हम व्यवहार में कैसे उतरते है, राजनीतिक सिद्धांत का अध्ययन हमें क्यों करना चाहिए, राजनीति एवं राजनीतिक सिद्धांत में क्या … Read more

मौलिक अधिकार और नीति निर्देशक तत्वों में संबंध

मौलिक अधिकार और नीति निर्देशक तत्वों में संबंध भारतीय संविधान जो की 26 जनवरी, 1950 को संपूर्ण भारत वर्ष में लागू कर दिया गया था मौलिक अधिकारों और राज्य के नीति निर्देशक तत्वों यह दो महत्वपूर्ण स्तंभ आधारित है मौलिक अधिकार नागरिकों को राज्य के विरुद्ध कुछ अनुचित आचरण से बचने के लिए प्रदान किए … Read more

भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार || मौलिक अधिकार के प्रकार

भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार मौलिक अधिकारों से तात्पर्य है ऐसे अधिकार जो लोगों को जीवन के लिए अति आवश्यक या मौलिक समझ जाते हैं उन्हें मौलिक या मूल अधिकार कहा जाता है |1928 में मोतीलाल नेहरू समिति ने भी अधिकारों के लिए घोषणा पत्र की मांग उठाई थी ,जो की स्वतंत्रता के बाद इन … Read more

मौलिक अधिकारों का अर्थ, महत्व और अधिकारों का घोषणा पत्र

मौलिक अधिकारों का अर्थ – मौलिक अधिकारों से तात्पर्य है सामाजिक जीवन की वह परिस्थितियां जिनके बिना कोई भी व्यक्ति अपना विकास नहीं कर सकता अर्थात अधिकार वह हक है जो एक आदमी को जीवन जीने के लिए चाहिए जिसकी वह मांग करता है,साथ ही कानून द्वारा प्रदत्त सुविधाएं उन अधिकारों की रक्षा करती है … Read more