राजनीतिक सिद्धांत एक परिचय
इसके अंतर्गत हम निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं के जरिए यह समझ सकते हैं कि राजनीतिक सिद्धांत क्या होते हैं, राजनीतिक क्या है, राजनीतिक सिद्धांत में हम क्या-क्या पढ़ते हैं, राजनीतिक सिद्धांत को हम व्यवहार में कैसे उतरते है, राजनीतिक सिद्धांत का अध्ययन हमें क्यों करना चाहिए, राजनीति एवं राजनीतिक सिद्धांत में क्या अंतर है, राजनीतिक सिद्धांतों का क्या महत्व है, आदि विषयों को इसके अंतर्गत शामिल किया जा सकता है |
राजनीतिक सिद्धांत के अद्वितीय मामले
अद्वितीय मामलों को निम्नलिखित बिन्दुओं में जा सकता है जैसे –
- उसके पास विवेक होता है |
- संवाद करने की क्षमता |
राजनीतिक क्या है?
राजनीति से तात्पर्य है शासन करने की वह कला है जिसमें सरकार की क्रिया कलापों, प्रशासनिक कार्यों, विवादों का निपटारा करना, साथ ही जन कल्याण, आदि से संबंधित होना |
- राजनीति शासन करने की एक कला है |
- राजनीति सरकार के क्रिया कलापों को ठीक से चलने की हमें सीख देती है |
- राजनीति प्रशासन संचालन के विवादों का हाल भी हमें देती है |
- राजनीति भागीदारी करना सिखाती है लेकिन आम व्यक्ति का सामना राजनीति की परस्पर विरोधी छवियों से होता है, आज राजनीति का संबंध निजी स्वार्थ साधने से जुड़ गया है |
- राजनीति का संबंध जन-कल्याण से होना |
- राजनीति किसी भी समाज का महत्वपूर्ण अविज्य अंग होती है |
राजनीति सिद्धांत में हमें क्या पढ़ना चाहिए?
- राजनीतिक सिद्धांत में हम जीवन के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करते हैं जैसे-सामाजिक जीवन,संविधान और सरकार, समानता, न्याय, लोकतंत्र, आजादी, धर्मनिरपेक्षता, आदि का अध्ययन करते हैं |
- राजनीतिक सिद्धांत के अंतर्गत निश्चित मूल्य व सिद्धांतों को भी पढ़ते हैं जिनके द्वारा नीतियां निर्देशित होती है |
सिद्धांत को व्यवहार में उतारना
राजनीति का स्वरूप समय के साथ बदलता रहता है अर्थात राजनीतिक सिद्धांतों जैसे स्वतंत्रता और समानता को व्यवहार में उतारने का काम बहुत मुश्किल होता है हमें अपने पूर्वागृह का त्याग कर इन्हें अपनाना चाहिए अर्थात राजनीतिक सिद्धांत के अध्ययन द्वारा हम राजनीतिक व्यवस्थाओं के बारे में अपने विचार और भावनाओं को परीक्षण करते हैं और यह हम समझ सकते हैं की सचेत नागरिक ही देश का विकास कर सकता है
सिद्धांत कोई वस्तु नहीं है यह मनुष्य में मनुष्य से संबंधित है जैसे सभी के लिए समान अवसर चाहे वह महिला हो पुरुष हो, विकलांग हो सभी के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है और इस प्रकार हम कह सकते हैं की पूर्ण समानता संभव नहीं है भेदभाव का तर्कसंगत आधार जरूरी है |
राजनीतिक सिद्धांत क्यों पढ़ना चाहिए?
- भविष्य में आने वाली जितनी भी समस्याएं हैं एक उचित निर्णय लेने वाला नागरिक बनने के लिए इन सिद्धांतों का ज्ञान होना जरूरी है |
- राजनीतिक सिद्धांत इसलिए भी पढ़ने चाहिए क्योंकि इससे हमें बुनियादी और सामान्य ज्ञान प्राप्त होता है |
- राजनीतिक सिद्धांत एक अधिकार संपन्न और जागरूक नागरिक बनने के लिए साथ ही राजनीतिक चेतना जागृत करने के लिए भी जरूरी है |
- हमें कब मतदान में भाग लेने का अधिकार होगा, कब हम राजनीति में पद के लिए योग्य होंगे, कब हम मत दे सकते हैं, आदि के लिए भी हमें राजनीति सिद्धांत का ज्ञान होना आवश्यक है |
- समाज से पूर्वाग्रहों को समाप्त करने और राष्ट्र की एकता और अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए भी हमें राजनीतिक सिद्धांतों का ज्ञान जरूरी होना चाहिए |
- राष्ट्र में हुए आंदोलन को प्रेरणा और सही दिशा देने के लिए भी राजनीतिक सिद्धांतों का ज्ञान होना चाहिए |
- वाद -विवाद, तर्क – वितर्क, लाभ-हानि, का आकलन करने के बाद सही निर्णय लेने की कला सीखने के लिए भी हमें राजनीतिक सिद्धांतों का ज्ञान जरूरी है |
- शासन व्यवस्था की जानकारी के लिए भी हमें राजनीतिक सिद्धांत को पढ़ना चाहिए |
- नित्य निर्माण बनाने के लिए भी राजनीतिक सिद्धांतों को समझना आवश्यक है |
- भारतीय लोकतंत्र की उपयोगिता का ज्ञान प्राप्त करने के लिए भी राजनीतिक सिद्धांतों को पढ़ना आवश्यक है |
- भारतीय संविधान में प्राप्त मौलिक अधिकार एवं कार्यों को समझने के लिए भी हमें राजनीतिक सिद्धांतों को पढ़ना चाहिए |
- देश में भविष्य की योजना एवं नीतियों को बनाने के लिए भी हमें राजनीतिक सिद्धांतों को पढ़ना |
- अंतर्राष्ट्रीय शांति और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भी हमें राजनीतिक सिद्धांतों का ज्ञान होना अति आवश्यक है |
- देश और विदेश की शान पढ़ने वाले प्रणालियों को समझने के लिए भी राजनीतिक सिद्धांतों को पढ़ना आवश्यक है |
राजनीति और राजनीतिक सिद्धांत
राज + नीति अर्थात “नीति पर आधारित शासन” का होना विशेष सिद्धांत एवं व्यवहार का प्रयोग राजनीति में राजनीति के अंतर्गत आता है | निर्णय लेने की प्रक्रिया, सरकार बनाने की प्रक्रिया, सत्ता बनाने की प्रक्रिया, आदि राजनीति हिस्सा है |
जबकि राजनीतिक सिद्धांत का मुख्य विषय – राज्य में सरकार है, यह हमें आजादी, समानता, न्याय और लोकतंत्र जैसी अवधारणाओं का अर्थ स्पष्ट करता है इसका मुख्य उद्देश्य है- नागरिकों को राजनीतिक प्रश्नों के बारे में तर्क संगत ढंग से सोचने और सामाजिक, राजनीतिक, घटनाओं को सही तरीके से आंकने का प्रशिक्षण देना है |
राजनीतिक सिद्धांत का महत्व
राजनीतिक सिद्धांत के महत्व को निम्नलिखित बिंदुओं में देखा जा सकता है –
- राजनीतिक सिद्धांत के अंतर्गत न्याय व समानता के बारे में सुव्यवस्थित सोच का विकास होना |
- तर्क-संगत और प्रभाव, उत्थान से संप्रेषण भूमिका का होना |
- कुशल एवं प्रभावी राजनीतिक निर्णय लेने में सहायक होना |
- अंतरराष्ट्रीय जगत की सूचना प्राप्त करने के लिए भी महत्वपूर्ण |
- राजनीतिक सिद्धांत का महत्व जैसे न्याय, समानता, संप्रेषण, निर्णय करने एवं लेने में सहायता प्रदान करना |
निष्कर्ष
रूप में यह कहा जा सकता है कि राजनीति व राजनीतिक सिद्धांत भले ही दो अलग-अलग अवधारणाएं हैं, लेकिन नीति पर आधारित शासन या व्यक्तिगत स्तर पर किसी विशेष सिद्धांत अथवा व्यवहार का प्रयोग राजनीतिक अंतर्गत आता है लेकिन राजनीतिक सिद्धांत हमें समानता, न्याय और लोकतंत्र जैसी अवधारणाओं को स्पष्ट करने में मदद करता है जो कि नागरिकों को राजनीतिक प्रश्नों के बारे में तर्क-संगत ढंग से सोचने और सामाजिक और राजनीतिक घटनाओं को सही तरीके से आंखने का प्रशिक्षण देता है जो कि किसी भी व्यक्ति एवं राष्ट्र के लिए अति आवश्यक होता है |