यूरोपीय संघ क्या है? || Europe sangh kya hai

यूरोपीय संघ क्या है?

यूरोपीय संघ (EU) की स्थापना-

यूरोपीय संघ की स्थापना आधिकारिक तौर पर 1 नवंबर 1993 को मास्ट्रिच संधि (Maastricht Treaty-7 फरवरी 1992 को हस्ताक्षरित) के लागू होने के साथ हुई थी, यूरोपीय संघ की स्थापना का जो मुख्य उद्देश्य था – यूरोपीय देशों के बीच आर्थिक,सामाजिक और राजनीतिक एकीकरण को बढ़ावा देना था| यह 12 सदस्य देशों द्वारा हस्ताक्षरित एक संधि थी, जिसने यूरोपीय समुदाय (EC) को एक संघ में बदल दिया।

यूरोपीय आर्थिक समुदाय की स्थापना

यूरोपीय आर्थिक समुदाय की स्थापना 1957 की रोम संधि के तहत की गई थी जिसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक एकीकरण पर बोल देना था | 1 नवंबर, 1993 को पहले स्तंभ में एकीकृत होने के बाद इसका नाम बदलकर यूरोपीय समुदाय (ईसी) कर दिया गया।

यूरोपीय संघ के मुख्य उद्देश्य

यूरोपीय संघ का मुख्य उद्देश्य यूरोपीय देशों के बीच साझा मुद्रा, विदेश नीति, सुरक्षा और नागरिकता के मध्य से यूरोप में शांति स्थापित करना साथ ही यूरोपीय देशों के बीच आर्थिक समृद्धि और स्थिरता लाना था|

यूरोपीय संघ के संस्थापक सदस्य देश

यूरोपीय संघ में मुख्य रूप से 12 संस्थापक सदस्य देश हैं जो की निम्नलिखित है-

बेल्जियम, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, आयरलैंड, इटली, लक्जमबर, नीदरलैंड, पुर्तगाल, स्पेन, यूनाइटेड किंगडम थे|

वर्तमान में यूरोपीय संघ के सदस्य देश

वर्तमान में यूरोपीय संघ में कुल 27 देश हैं जिनको निम्नलिखित सारणी में दिखाया गया है –

क्रम सं देश का नाम यूरोपीय संघ में शामिल होने की तिथि
1 ऑस्ट्रिया 1 जनवरी, 1995
2 बेल्जियम 25 मार्च, 1957
3 बुल्गारिया 1 जनवरी, 2007
4 क्रोएशिया 1 जुलाई, 2013
5 साइप्रस 1 मई, 2004
6 चेकिया 1 मई, 2004
7 डेनमार्क 1 जनवरी, 1973
8 एस्तोनिया 1 मई, 2004
9 फिनलैंड 1 जनवरी, 1995
10 फ्रांस 25 मार्च, 1957
11 जर्मनी 25 मार्च, 1957
12 ग्रीस 1 जनवरी, 1981
13 हंगरी 1 मई, 2004
14 आयरलैंड 1 जनवरी, 1973
15 इटली 25 मार्च, 1957
16 लातविया 1 मई, 2004
17 लिथुआनिया 1 मई, 2004
18 लक्समबर्ग 25 मार्च, 1957
19 माल्टा 1 मई, 2004
20 नीदरलैंड 25 मार्च, 1957
21 पोलैंड 1 मई, 2004
22 पुर्तगाल 1 जनवरी, 1986
23 रोमानिया 1 जनवरी, 2007
24 स्लोवाकिया 1 मई, 2004
25 स्लोवेनिया 1 मई, 2004
26 स्पेन 1 जनवरी, 1986
27 स्वीडन 1 जनवरी, 1995

 

मार्शल योजना

मार्शल योजना के तहत अमेरिका ने यूरोप की अर्थव्यवस्था के पुनर्गठन के लिए बहुत मदद की थी जिसे मार्शल योजना के नाम से जाना जाता है | मार्शल योजना के तहत ही 1948 में यूरोपीय आर्थिक सहयोग संगठन की स्थापना की गई थी इसके माध्यम से ही पश्चिम के यूरोपीय देशों को आर्थिक मदद की गई थी|

ब्रेक्जिट क्या है?

ब्रिटेन ने जून 2016 के अंतर्गत एक जनमत संग्रह करवाया जिसके द्वारा यूरोपीय संघ से अलग होने का निर्णय लिया गया इसे ही ब्रेक्जिट कहा जाता है | जनवरी 2020 में ब्रिटेन ने यूरोपीय संघ से अपनी लग राह बना ली इस तरह पुराने सदस्यों में से एक सदस्य देश जो की संयुक्त राष्ट्र संघ का स्थाई सदस्य देश भी है वह अब यूरोपीय संघ का सदस्य नहीं है|

यूरोपीय संघ के उद्देश्य

यूरोपीय संघ के उद्देश्यों को निम्नलिखित बिंदुओं में देखा जा सकता है-

  • एक समान विदेश नीति एवं सुरक्षा नीति पर बोल देना
  • यूरोपीय संगठन आंतरिक मामलों और न्याय से जुड़े मसलों पर भी सहयोग परसहमति
  • यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के बीच सामान मुद्रा का चलन पर बोल देना
  • यूरोपीय संघ देश के मध्यवीजा मुक्त आवागमन पर जोर देना
यूरोपीय संघ की विशेषताएं

यूरोपीय संघ की विशेषताओं को निम्नलिखित बिंदुओं में मुख्य रूप से देखा जा सकता है-

  • यूरोपीय आर्थिक सहयोग वाली संस्था से बदलकर राजनीतिक संस्था के रूप में स्थान ग्रहण कर लिया|
  • यूरोपीय संघ एक विशाल राष्ट्र राज्य की तरह काम करता है|
  • यूरोपीय संघ का अपना एक झंडा, गान, स्थापना दिवस एवं अपनी मुद्रा है|
  • यूरोपीय संघ अन्य देशों से संबंधों के मामले में काफी हद तक साझी विदेश और सुरक्षा नीति पर बोल देता है|
  • यूरोपीय संघ के झंडे के अंदर 12 सोने के सितारों को एक घेरे के रूप में दिखाया गया है जो कि लोगों की पूर्णता, समग्रता, एकता और मेल मिलाप का प्रतीक है|
  • 2003 में यूरोपीय संघ ने अपना साझा संविधान बनाने की भी कोशिश की थी, लेकिन उसमें यूरोपीय संघ नाकाम रहा|
यूरोपीय संघ का प्रभाव

यूरोपीय संघ के प्रभाव को अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग तरीकों से देखा जा सकता है जिसमें राजनीतिक और सैन्य प्रभाव के रूप में मुख्य रूप में देखा जा सकता है-

  • यूरोपीय संघ का प्रभाव राजनीतिक रूप से सदस्य देश जैसे फ्रांस सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य देश है|
  • यूरोपीय संघ के और कई देश सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य हैं|
  • यूरोपीय संघ का सैनिक प्रभाव का होना |
  • यूरोपीय संघ के पास दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति का होना है|
  • यूरोपीय संघ का रक्षा बजट अमेरिका के रक्षा बजट बाद सबसे अधिक बजट का होना|
  • यूरोपीय संघ के सदस्य देश फ्रांस के पास परमाणु हथियारों का भंडार है|
  • अंतरिक्ष विज्ञान और संचार प्रौद्योगिकी के मामले में भी यूरोपीय संघ का दुनिया के अंतर्गत दूसरा स्थान है|
यूरोपीय संघ की कमजोरी

यूरोपीय संघ की कमजोरीयों को निम्नलिखित बिंदुओं में मुख्य रूप से देखा जा सकता है-

  • यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की अपनी-अपनी विदेश नीति और रक्षा नीति है जो कई बार एक दूसरे के खिलाफ भी हो जाती है|
  • यूरोप के कुछ हिस्सों में यूरो मुद्रा को लागू करने को लेकर भी नाराजगी है|
  • डेनमार्क और स्वीडन जैसे देश मास्ट्रिच संधि और साझी यूरोपीय मुद्रा को मानने को लेकर भी नाराज हैं|
  • यूरोपीय संगठन के कई देश अमरीकी गठबंधन का हिस्सा भी है|
  • ब्रिटेन जैसे संयुक्त राष्ट्र संघ के स्थायी सदस्य द्वारा अपने आप को यूरोपीय संघ से अलग कर लेना|

निष्कर्ष – रूप में यह कहा जा सकता है कि विश्व के एक ध्रुवीय विश्व व्यवस्था में बदलने के उपरांत एवं मुख्य रूप से 21वीं शताब्दी के तीसरे दशक में सत्ता के वैकल्पिक केंद्र के रूप में यूरोपीय संघ आज एक महत्वपूर्ण संगठन बन चुका है जो की 27 देशों का मजबूत संगठन कहलाता है आज वैश्विक स्तर पर यूरोपीय संघ अपनी आर्थिक, राजनीतिक, सैनिक एवं सांस्कृतिक रूप से मजबूत स्थिति प्रदान कर चुका है |

जनवरी,2026 में भारत को यूरोपीय संघ के महत्वपूर्ण राजनीतिक, सैनिक एवं अन्य संबंधों को मजबूती मिली है और मुक्त व्यापार समझौते को भी हरी झंडी मिली है, जो कि निश्चित रूप से यूरोपीय संगठन को इस दुनिया के मंच पर एक शक्तिशाली संगठन के रूप में प्रदर्शित कर रहा है|

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